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दूध पिलाने वाली मां को 800 से 1000 कैलोरीज की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरत होती है। इसलिठà¤à¥€ हेलà¥à¤¦à¥€ डाइट का होना जरूरी है। दूध के सिकà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨ को बढ़ाने के लिठमाओं को अपनी डाइट में ये चीजें जरूर शामिल करनी चाहिठ:-
कचà¥à¤šà¤¾ पपीता
कचà¥à¤šà¤¾ पपीता में पपैन और काइमोपैपेन नाम का à¤à¤‚जाइम होता है, जो बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सिकà¥à¤°à¤¿à¤à¤¶à¤¨ में मददगार साबित होता है। इसकी सबà¥à¤œà¥€, सलाद या पका हà¥à¤† पपीता खाने से à¤à¥€ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• बढ़ता है। à¤à¤• दिन में 200 से 250 गà¥à¤°à¤¾à¤® पपीता खाया जा सकता है। दिन में दो बार ही खाà¤à¤‚। पपीता में फाइबर à¤à¥€ होता है जो पेट के लिठफायदेमंद होता है।
अजवाइन का पानी
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š अजवाइन को तीन लीटर पानी में उबाल लें। इसे à¤à¤• बोतल में à¤à¤°à¤•र रख लें और पूरे दिन इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है। अजवाइन के पानी में à¤à¤‚टी-बैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤¯à¤², à¤à¤‚टीफंगस पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥€ और à¤à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥€ होती हैं जिससे बॉडी गरà¥à¤® रहती, डाइजेशन इंपà¥à¤°à¥‚व होता है और मिलà¥à¤• का पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ बढ़ता है। इस पानी को पीने से पेशाब के दौरान जलन और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती। पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि अजवाइन को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में न लाà¤à¤‚। 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ अजवाइन का पानी दिया जा सकता है, इससे उसे होने वाली गैस दूर रहेगी।
मेथी दाना
इसमें à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ नाम का कंपाउंड होता है जो मिलà¥à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ में मदद करता है। मेथी दाने से सबà¥à¤œà¥€ छौंक सकते हैं। इसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में न लें।
सौंफ और गà¥à¤¡à¤¼
खाना खाने के बाद गà¥à¤¡à¤¼ के साथ थोड़ी सी सौंफ ले सकते हैं, इससे à¤à¥€ मिलà¥à¤• बढ़ता है। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के दौरान महिलाओं में à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ और कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ बढ़ती हैं, à¤à¤¸à¥‡ में सौंफ लेना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• है। वे फूड जिनकी तासीर गरà¥à¤® है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लेने से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• बढ़ता है।
लहसà¥à¤¨ और दूध
लहसà¥à¤¨ की दो कली दूध के साथ सà¥à¤¬à¤¹ पी जा सकती है। लहसà¥à¤¨ में à¤à¤°à¥‹à¤®à¥ˆà¤Ÿà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥€à¤œ होती हैं, जिनसे मà¥à¤‚ह का टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ होता है और इसमें पाठजाने वाले गैलेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ, à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥€ से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• बनता है। कितनी ही गरà¥à¤®à¥€ हो लेकिन गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी ही पीà¤à¤‚।
ओटमील
ओटà¥à¤¸ सेहत के लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद होते हैं। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• बढ़ाने के लिठमहिलाà¤à¤‚ नाशà¥â€à¤¤à¥‡ में रोज ओटà¥à¤¸ खाà¤à¤‚। ओटà¥à¤¸ में फाइबर उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं और ये à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ से à¤à¥€ à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं। इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ बनाना à¤à¥€ बहà¥à¤¤ आसान है और आप रोज नाशà¥â€à¤¤à¥‡ में ओटमील खा सकती हैं।
पालक
पालक खाने से शरीर में आयरन की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ती है। पालक में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होता है जो मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों को सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखने में मदद करता है। पालक के नियमित सेवन से मां के सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध के उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को बढ़ाया जा सकता है।
तà¥à¤²à¤¸à¥€
तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤‚टीऑकà¥â€à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होती हैं। इसके शीतल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• बढ़ाने और शिशॠकी इमà¥â€à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बढ़ाने का काम करते हैं। गरà¥à¤® पानी में तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ डालकर पिà¤à¤‚ और रोज सà¥à¤¬à¤¹ इस पानी को पीने से à¤à¥€ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• में इजाफा होता है।
शकरकंद
शकरकंद पोटैशियम से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होता है। इसके अलावा शकरकंद में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, विटामिन बी कॉमà¥â€à¤ªà¥â€à¤²à¥‡à¤•à¥â€à¤¸ और विटामिन सी à¤à¥€ होता है। ये सà¤à¥€ पोषक ततà¥â€à¤µ दूध बढ़ाने में मदद करते हैं। आप शकरकंद की सà¥â€à¤®à¥‚दी बना सकती हैं या इसे उबालकर à¤à¥€ खा सकती है। शकरकंद बहà¥à¤¤ हेलà¥â€à¤¦à¥€ और टेसà¥â€à¤Ÿà¥€ होती है।
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